भारतीय खान-पान में खाने के साथ परोसे जाने वाले अचार का खास महत्व रहा है. सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि सेहत से जुड़े कई कारणों की वजह से भी अचार को सदियों से खाने का हिस्सा माना जाता रहा है. पहले के समय में घरों में आचार बड़ी मेहनत, सही मसाले और मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता था. ताकि लंबे समय तक सुरक्षित रहे और खाने का स्वाद बनाए रखें. पहले के समय में दादी और नानी का मानना होता था कि सही तरीके से तैयार किया गया अचार पाचन को दुरुस्त रखता है, भूख बढ़ाने में मदद करता है और खाने के स्वाद को संतुलित बनता है. वहीं आज के दौर में भले ही फास्ट फूड और पैकेज्ड आइटम का चलन बढ़ गया हो, लेकिन पारंपरिक स्वाद और उनके फायदे अब भी लोगों की थाली में अपनी जगह बनाए हुए हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि दादी-नानी का अचार सिर्फ टेस्ट नहीं, बल्कि गेट हेल्थ का खजाना भी कैसे होता है.
अचार और सेहत का पुराना रिश्ता
पुराने समय में अचार को खाने का हिस्सा ही नहीं बल्कि गट हेल्थ सुधारने का घरेलू उपाय माना जाता था. नमक, सरसों का तेल और मसाले के साथ तैयार किया गया अचार पाचन तंत्र को एक्टिव रखने में मदद करता था. यही वजह है की दाल-चावल, पराठे या खिचड़ी के साथ थोड़ा अचार जरूर परोसा जाता था.
कौन-कौन से अचार होते हैं सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद?
लसौड़ा जैसे देसी फल से बनता था हेल्दी अचार
गर्मियों में मिलने वाला छोटा सा फल गुंदा जिसे लसौड़ा या इंडियन चेरी भी कहा जाता है, अक्सर अचार के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. यह फल प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन से भरपूर होता है. इसके आचार को पाचन मजबूत करने और शरीर को ठंडक देने वाला माना जाता है.
मिर्च, लहसुन और आम का अचार
मिर्च और लहसुन का अचार खाने को तीखा बनाने के साथ-साथ पाचन सुधारने में मदद करता है. लहसुन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट को हेल्दी रखते हैं. वहीं कच्चे आम का अचार भूख बढ़ाने और पाचन को दुरुस्त बनाने में भी मददगार माना जाता है.
अचार में सरसों का तेल और नमक क्यों है जरूरी?
दरअसल सरसों का तेल अचार का सबसे बड़ा प्रिजर्वेटिव माना जाता है. यह न सिर्फ स्वाद बढ़ता है, बल्कि अचार को सुरक्षित भी रखता है. वहीं नमक बैक्टीरिया और फफूंद से बचाने का काम करता है. इस वजह से दादी-नानी अचार में नमक की मात्रा को बहुत सोच समझ कर डालती थी.
आज भी क्यों जरूरी है घर का अचार?
आज बाजार में मिलने वाले अचारों में प्रिजर्वेटिव और मिलावट आम बात हो गई है. ऐसे में दादी-नानी के तरीके से बनाया गया घर का अचार न सिर्फ स्वाद में बेहतर होता है, बल्कि गट हेल्थ के लिए भी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. सही तरीके से बना अचार पाचन को मजबूत करता है और खाने का मजा भी दोगुना कर देता है.
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