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उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक डराने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 18 साल की लड़की इल्मा नदीम की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) में इलाज के दौरान मौत हो गई. लड़की की मौत की मुख्य वजह पैरासाइटिक इंफेक्शन बताई जा रही है. डॉक्टर्स के अनुसार, पत्ता गोभी में मौजूद टेपवर्म (फीताकृमि) की वजह से इल्मा के दिमाग में 20 से 25 गांठें पाई गईं. इल्मा को महीनों पहले टाइफाइड की बीमारी हुई थी, जिसके बाद से उसकी हालत लगातार खराब होती जा रही थी.
अमरोहा से कुछ दिनों पहले ऐसी ही एक और घटना सामने आई थी, जिसमें 11वीं कक्षा की छात्रा अहाना की मौत हो गई थी. अहाना का इलाज दिल्ली के एम्स (AIIMS) में चल रहा था. डॉक्टर्स के अनुसार, अहाना को ज्यादा पिज्जा और फास्ट फूड खाने की आदत थी, जिसकी वजह से उसकी आंतें आपस में चिपक गई थीं और इसी कारण उसकी मौत हो गई. ये दोनों घटनाएं डराने वाली और चौंकाने वाली हैं, जो यह दिखाती हैं कि गलत खानपान और दूषित सब्जियां कितनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती हैं.
टेपवर्म कैसे बनता है जानलेवा?
टेपवर्म यानी फीताकृमि एक परजीवी होता है, जो शरीर के अंदर घुसकर गंभीर नुकसान पहुंचाता है. यह स्थिति टेपवर्म के अंडों के कारण होती है, जो शरीर में प्रवेश कर ब्लड के जरिए दिमाग तक पहुंच जाते हैं. ये अंडे गंदगी में, पत्तेदार सब्जियों में या किसी भी दूषित माध्यम से शरीर में जा सकते हैं. दिमाग में पहुंचकर ये अंडे जम जाते हैं और ‘न्यूरोसिस्टिकोसिस’ जैसी खतरनाक बीमारी का कारण बनते हैं, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है.
डॉक्टरों की सलाह क्या है?
डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाना चाहिए. सब्जियों को उबालने से टेपवर्म के अंडे मर जाते हैं. पत्तेदार और हरी सब्जियों को कम से कम 5 मिनट तक उबालना जरूरी है, क्योंकि टेपवर्म के अंडे इतने छोटे होते हैं कि ये शरीर में मौजूद एसिड से भी नहीं मरते. इसके अलावा अपने आसपास साफ-सफाई रखना जरूरी है और गंदी जगहों या खुले में शौच से बचना चाहिए.
फास्ट फूड क्यों बन रहा है खतरनाक?
डॉक्टर्स के अनुसार, ज्यादा मात्रा में फास्ट फूड का सेवन हमारे शरीर के लिए खतरनाक और जानलेवा हो सकता है, क्योंकि फास्ट फूड में हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है और इनमें नमक की मात्रा भी जरूरत से ज्यादा होती है. फास्ट फूड हमारे पूरे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. इसके सेवन से हमारे मस्तिष्क यानी दिमाग और हार्ट हेल्थ पर भी गहरा असर पड़ता है, क्योंकि फास्ट फूड में मौजूद केमिकल्स, ट्रांस फैट, शुगर और अत्यधिक नमक याददाश्त को कमजोर करते हैं और दिमाग की क्षमता को कम करते हैं, जिससे व्यक्ति सही निर्णय नहीं ले पाता. डॉक्टर्स का कहना है कि फास्ट फूड हमारी सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है और घर का बना खाना ही सबसे फायदेमंद है.
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