बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का आज (30 दिसंबर) सुबह करीब 6 बजे ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में निधन हो गया. वह 80 साल की थीं. उनकी मौत लंबी और गंभीर बीमारियों के कारण हुई. डॉक्टरों और मेडिकल बोर्ड ने बताया कि मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की वजह से उनकी सांसें रुक गईं. आइए जानते हैं कि खालिदा जिया किन-किन गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं?
किन बीमारियों से जूझ रही थीं खालिदा जिया?
- लिवर सिरोसिस: खालिदा जिया को सबसे बड़ी और जानलेवा बीमारी लिवर सिरोसिस थी. डॉक्टरों के अनुसार, यह एडवांस्ड स्टेज में पहुंच चुकी थी. लिवर सिरोसिस की वजह से पेट और छाती में पानी भरना, खून बहना और शरीर में जहर जमा होना शुरू हो जाता है. 2021 में ही डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की थी. उसके बाद कई बार कहा गया कि लिवर ट्रांसप्लांट जरूरी है, लेकिन उम्र और हालत के कारण यह नहीं हो पाया.
- डायबिटीज: खालिदा जिया को यह बीमारी कई साल से थी. बता दें कि शुगर की वजह से शरीर के दूसरे अंगों पर भी खराब असर पड़ता है.
- हार्ट प्रॉब्लम: खालिदा जिया के दिल में ब्लॉकेज थी. पहले स्टेंट लगाए गए थे और बाद में पेसमेकर भी लगाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट की दिक्कत काफी पुरानी थी.
- किडनी फेल्योर: जिंदगी के आखिरी दिनों में खालिदा जिया की किडनी बुरी तरह प्रभावित हो चुकी थी. ऐसे में उन्हें रोजाना डायलिसिस करानी पड़ रही थी. डॉक्टरों ने बताया कि जब डायलिसिस बंद करते तो उनकी हालत बिगड़ जाती थी.
- लंग इंफेक्शन और सांस की तकलीफ: नवंबर 2025 में खालिदा जिया को सांस लेने में अचानक दिक्कत, खांसी और बुखार हुआ. जांच के दौरान फेफड़ों में न्यूमोनिया मिला था. इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया.
- आर्थराइटिस: खालिदा जिया जोड़ों के दर्द और उम्र से जुड़ी अन्य दिक्कतों जैसे आंखों की समस्या, कमजोरी और शरीर के दर्द से भी जूझ रही थीं.
नवंबर में बिगड़ गई थी हालत
बता दें कि खालिदा जिया 23 नवंबर 2025 को अचानक बहुत बीमार पड़ गईं. सांस फूलने, बुखार और कमजोरी के कारण उन्हें तुरंत एवरकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. शुरुआत में उन्हें सीसीयू में रखा गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया था.
डॉक्टर ने दी क्या जानकारी?
खालिदा जिया के पर्सनल डॉक्टर प्रोफेसर डॉ. एजेडएम जाहिद हुसैन ने 27-28 दिसंबर को कहा था कि वह एक क्रिटिकल मोमेंट से गुजर रही हैं. उनके कई अंग साथ-साथ काम नहीं कर रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि उम्र ज्यादा होने और इतनी सारी बीमारियों के कारण एक साथ सबका इलाज करना मुश्किल हो गया.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.





