Is Blood In Urine A Sign Of Prostate Cancer: प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाला एक कैंसर है. अमेरिका में पुरुषों में यह दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है. स्टेज-1 में प्रोस्टेट कैंसर में अक्सर कोई साफ लक्षण नजर नहीं आते. mdanderson की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोलॉजिक ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. लिस्ली चेरी के मुताबिक “जब प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण दिखने लगते हैं, तब तक बीमारी कई बार एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है, जहां इलाज मुश्किल हो जाता है इसी वजह से समय पर स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है.” चलिए आपको बताते हैं कि पेशाब के रास्ते अगर खून आ रहा है, तो इसका क्या मतलब होता है और इसके अलावा प्रोस्टेट कैंसर के बाकी क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण
अगर यूरिन का रंग गुलाबी या लाल दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए. डॉ. चेरी कहती हैं, “यह ऐसा संकेत है जिसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चाहे दर्द न हो या यह सिर्फ एक बार हुआ हो, फिर भी जांच कराना जरूरी है.” इसका मतलब अगर आपके यूरिन में खून निकल रहा है, तो इसको बिल्कुल भी आपको इग्नोर नहीं करना है, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना है.
यूरिन करने में दिक्कत
अगर यूरिन आने के बावजूद ठीक से पेशाब न हो पा रहा हो या ब्लैडर पूरी तरह खाली न हो रहा हो, तो यह चिंता की बात हो सकती है. डॉक्टर के अनुसार, प्रोस्टेट से होकर ही यूरिन की नली गुजरती है. कैंसर बढ़ने पर यह नली दब सकती है, जिससे यूरिन रुकने लगता है. कुछ मामलों में कैथेटर लगाकर ब्लैडर से यूरिन निकालना पड़ता है.
पेल्विक हिस्से में दर्द
कमर के नीचे या पेल्विक एरिया में दर्द या भारीपन महसूस होना एडवांस प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है. डॉ. चेरी बताती हैं कि जब कैंसर बढ़ता है, तो यह आसपास की मांसपेशियों या रेक्टल वॉल तक फैल सकता है, जिससे ऐसा लगता है जैसे कोई गेंद पर बैठा हो.
बार-बार पेशाब आना
रात में कई बार नींद से उठकर पेशाब जाना या दिन में बार-बार टॉयलेट की जरूरत पड़ना भी एक लक्षण हो सकता है.
डॉक्टर को कब दिखाएं
अगर ऊपर बताए गए लक्षण लंबे समय से बने हुए हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. सही वजह जानने के लिए पूरी जांच जरूरी होती है. हालांकि हर बार इन लक्षणों का मतलब कैंसर ही हो, ऐसा नहीं हैय कई बार प्रोस्टेट का बढ़ना या अन्य सामान्य समस्याएं भी ऐसे ही लक्षण पैदा कर सकती हैं. उम्र बढ़ने के साथ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी आम है, जिसका कारण धूम्रपान या दिल से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि आप अपने शरीर में हो रहे बदलावों पर ध्यान दें.
इसे भी पढ़ें- 2025 Trending Myths: इस साल वायरल हुए ऐसे घरेलू नुस्खे, जिन पर एक्सपर्ट्स ने बजाई खतरे की घंटी
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.





