क्या कैंसर है संक्रामक बीमारी?
एक्सपर्ट के अनुसार, कैंसर किसी भी तरह से संक्रामक बीमारी नहीं है. यानी यह बीमारी न तो छूने से फैलती है, न साथ रहने से, न साथ में खाना खाने से और न ही हवा के जरिए फैलती है. कैंसर तब होता है जब शरीर की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव आ जाता है और वह अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती है. यह प्रक्रिया शरीर के अंदर होती है और इसका किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से कोई लेना-देना नहीं होता है. यही वजह है कि कैंसर को फ्लू या अन्य संक्रमणों की तरह फैलने वाली बीमारी नहीं माना जाता है.
एड्स से क्यों जुड़ा होता है कैंसर?
एड्स यानी एचआईवी बीमारी सीधे तौर पर कैंसर नहीं है, लेकिन यह शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है. जब शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है तो शरीर कोशिकाओं से ठीक से नहीं लड़ पता है. ऐसे में एचआईवी या एड्स से पीड़ित बच्चों में कुछ खास तरह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. जिनमें नॉन हॉजकिन लिम्फोमा सबसे प्रमुख माना जाता है. इसे ही एड्स रिलेटेड लिम्फोमा कहा जाता है. यह कैंसर लसीका का तंत्र यानी लिम्फ सिस्टम की सफेद ब्लड सेल्स में शुरू होता है.
बच्चों में कैसे विकसित होता है एड्स रिलेटेड लिम्फोमा?
दरअसल बच्चों में यह बीमारी तब देखी जाती है, जब उनमें जन्म के समय या फीडिंग के दौरान एचआईवी संक्रमण मिल जाता है और समय पर एंटीवायरस दवाएं नहीं दी जाती है. वहीं एचआईवी वायरस शरीर की सुरक्षा प्रणाली पर हमला करता है, जिससे संक्रमण और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे बच्चों में लिम्फ में नोड्स, दिमाग, स्पाइनल कॉर्ड या शरीर के दूसरे अंगों में तेजी से बढ़ने वाला कैंसर विकसित हो सकता है.
एक्सपर्ट्स क्या देते हैं सलाह?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कैंसर को लेकर समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना बहुत जरूरी है. कैंसर के मरीजों से दूरी बनाना न सिर्फ गलत है, बल्कि उनके मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर डालता है. वहीं बच्चों के मामले में अगर एचआईवी या किसी गंभीर बीमारी का खतरा हो तो समय पर जांच और सही इलाज बहुत जरूरी होता है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.





