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Hair Health Signs Of Underlying Disease: अक्सर लोग बालों को सिर्फ स्टाइल या ग्रूमिंग से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि बाल इससे कहीं ज्यादा कुछ बताते हैं. साइंस बार-बार यह साबित कर चुका है कि बाल हमारे शरीर के अंदर चल रही स्थिति का संकेत भी देते हैं. हर एक बाल एक छोटे से फॉलिकल से उगता है, जो हार्मोन, पोषण, इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिज्म से सीधे जुड़ा होता है. क्योंकि बाल तेजी से बढ़ते हैं और शरीर में गड़बड़ी होने पर जल्दी रिएक्ट करते हैं, इसलिए कई बार कोई और लक्षण दिखने से पहले ही बाल अंदरूनी समस्या की ओर इशारा करने लगते हैं. अगर अचानक बाल झड़ने लगें, रंग बदलने लगे या उनकी बनावट अजीब हो जाए, तो यह सिर्फ खराब हेयर डे नहीं होता, बल्कि शरीर का ध्यान खींचने का तरीका होता है.
बाल स्वास्थ्य से जुड़े संकेत क्यों देते हैं?
बालों के फॉलिकल शरीर के सबसे एक्टिव हिस्सों में गिने जाते हैं. इन्हें लगातार ऑक्सीजन, पोषक तत्व और सही हार्मोनल बैलेंस की जरूरत होती है. जब शरीर में पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव या इम्यून से जुड़ी दिक्कत आती है, तो इसका असर सबसे पहले बालों पर दिखता है. वजह साफ है, शरीर के लिए बाल जरूरी अंग नहीं हैं, इसलिए जब संसाधन कम होते हैं तो शरीर सबसे पहले यहीं कटौती करता है. इसीलिए बालों को शरीर का अर्ली वार्निंग सिस्टम कहा जाता है. कई रिसर्च बताती हैं कि आयरन, जिंक, नायसिन या कुछ अमीनो एसिड की कमी बालों की ग्रोथ को प्रभावित करती है और झड़ना बढ़ा देती है. अक्सर ये बदलाव तब दिखते हैं, जब व्यक्ति खुद को बीमार भी महसूस नहीं करता.
बालों में बदलाव का मतलब क्या हो सकता है?
बाल बिना वजह नहीं बदलते. जेनेटिक्स जरूर भूमिका निभाता है, लेकिन अचानक ज्यादा झड़ना, टेक्सचर बदलना या गोल-गोल पैच बनना शरीर के अंदर किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है.
आयरन की कमी और एनीमिया
आयरन की कमी से खून में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता घट जाती है. इसका सीधा असर बालों के फॉलिकल पर पड़ता है और बाल तेजी से झड़ने लगते हैं. आमतौर पर यह झड़ना पूरे सिर में फैला होता है.
थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड हार्मोन मेटाबॉलिज्म और बालों की ग्रोथ को कंट्रोल करते हैं. थायरॉइड कम होने पर बाल रूखे, बेजान और पतले हो जाते हैं, यहां तक कि आइब्रो के बाल भी झड़ सकते हैं. ज्यादा होने पर बाल बहुत पतले और कमजोर हो जाते हैं.
विटामिन B12 की कमी
B12 की कमी से बाल कमजोर, रूखे और समय से पहले सफेद हो सकते हैं. इसका मतलब है कि फॉलिकल को मजबूत और रंगदार बाल बनाने के लिए जरूरी सपोर्ट नहीं मिल पा रहा.
अगर बाल बदलने लगें तो क्या करें
सबसे पहले डॉक्टर से मिलें और जरूरी जांच कराएं. डाइट पर ध्यान दें और बिना जरूरत सप्लीमेंट न लें. तनाव कम करने की कोशिश करें और स्कैल्प में खुजली, लालपन या पैच दिखें तो डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाएं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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