[<p style="text-align: justify;"><strong>Nipah Virus In Kolkata: </strong>पश्चिम बंगाल में 11 जनवरी को निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले मिलने की जानकारी मिली है. इसके बाद निपाह वायरस एक बार फिर चर्चा में है. इसकी वजह इस वायरस का बेहद हाई डेथ रेट और अब तक कोई पुख्ता इलाज या वैक्सीन का न होना है. स्वास्थ्य विभाग इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है. यह काफी तेजी से फैलता है, इसलिए इसको लेकर लापरवाही बरतने पर उसका रिजल्ट खतरनाक हो सकता है.</p>
<p>निपाह वायरस की पहचान पहली बार 1999 में मलेशिया में हुई थी. इसके बाद बांग्लादेश और भारत में इसके मामले सामने आते रहे हैं. यह वायरस मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है, लेकिन सूअर और कुछ अन्य जानवरों के जरिए भी इंसानों तक पहुंच सकता है. इंफेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैल सकती है.</p>
<p><strong>क्यों इतना खतरनाक है निपाह वायरस?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक निपाह वायरस की मृत्यु दर 40 से 70 प्रतिशत तक हो सकती है, जो कोरोना जैसे वायरस से भी कहीं ज्यादा है. इसी वजह से वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इसे अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट की प्राथमिक बीमारियों की सूची में शामिल किया है. भारत में पहले भी निपाह के मामले सामने आ चुके हैं. कुछ घटनाओं में यह वायरस अस्पतालों के भीतर भी फैला, जहां मरीजों की देखभाल करने वाले लोग खुद इसकी चपेट में आ गए. इससे साफ है कि यह वायरस ह्यूमन से ह्यूमन में भी तेजी से फैल सकता है.</p>
<p><strong>निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है?</strong></p>
<p>निपाह एक जूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है. इसके फैलने के मुख्य रास्ते हैं-</p>
<ul>
<li>इंफेक्टेड चमगादड़ या जानवर के खून, लार, पेशाब या मल के संपर्क में आना</li>
<li>चमगादड़ों द्वारा खाए गए या दूषित फल खाना</li>
<li>कच्चा खजूर का रस पीना</li>
<li>इंफेक्टेड व्यक्ति के बेहद नजदीकी संपर्क में आना</li>
</ul>
<p><strong>लक्षण क्या होते हैं?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर इसके लक्षणों की बात करें, तो शुरुआत में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी और गले में खराश जैसे सामान्य लक्षण दिखते हैं. आगे चलकर चक्कर आना, भ्रम की स्थिति, बेहोशी और एन्सेफेलाइटिस हो सकती है. गंभीर मामलों में मरीज 24 से 48 घंटे में कोमा में भी जा सकता है. इंफेक्शन के लक्षण दिखने में 4 से 14 दिन, कभी-कभी 45 दिन तक लग सकते हैं.</p>
<p><strong>बचाव ही सबसे बड़ा इलाज</strong></p>
<p>फिलहाल निपाह वायरस का कोई खास इलाज या टीका नहीं है, इसलिए सावधानी ही सबसे मजबूत हथियार है. इसके लिए आपको- </p>
<ul>
<li>चमगादड़ों और सूअर जैसे जानवरों से दूरी रखें</li>
<li>आधे कटे फल या कच्चा खजूर का रस न पिएं</li>
<li>हाथों को बार-बार साबुन से धोएं</li>
<li>इंफेक्टेड या संदिग्ध मरीज के संपर्क से बचें</li>
<li>स्वास्थ्य विभाग की चेतावनियों और सलाह का पालन करें</li>
</ul>
<p><strong>कहां-कहां मिले हैं निपाह के मामले?</strong></p>
<p>सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रिवेंशन के अनुसार, निपाह वायरस के मामले अब तक बांग्लादेश, भारत, मलेशिया, फिलीपींस और सिंगापुर में ही सामने आए हैं. आंकड़े बताते हैं कि यह वायरस भले ही सीमित इलाकों में फैला हो, लेकिन खतरा बेहद गंभीर है.</p>
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<p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
Source:
www.abplive.com
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