Importance Of Early Cancer Screening: कोलन कैंसर अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रहा. हाल के वर्षों में यह बीमारी युवाओं, खासकर मिलेनियल्स और उससे छोटी उम्र के लोगों में तेजी से बढ़ रही है. एक रिसर्च के मुताबिक, 1950 में जन्मे लोगों की तुलना में 1990 में जन्मे लोगों में कोलन कैंसर का खतरा दोगुना पाया गया है. यह आंकड़ा वाकई चिंता बढ़ाने वाला है. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में अमेरिका के बोर्ड-सर्टिफाइड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सालहाब ने कोलन कैंसर के पांच ऐसे चेतावनी संकेत बताए हैं, जिन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
डॉक्टर के मुताबिक, अब 20, 30 और 40 की उम्र के लोगों में भी यह बीमारी सामने आ रही है, इसलिए जरूरी है कि लोग खुद अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें और शुरुआती लक्षणों को पहचानें. कोलन कैंसर बड़ी कोलन में शुरू होने वाला कैंसर है. ज्यादातर मामलों में यह कोलन की अंदरूनी परत पर बनने वाले छोटे-छोटे उभार यानी पॉलिप्स से शुरू होता है, जो समय के साथ कैंसर का रूप ले सकते हैं. समस्या यह है कि अधिकतर लोग इसे शुरुआती दौर में पकड़ नहीं पाते और बीमारी एडवांस स्टेज में जाकर सामने आती है.
मल त्याग की आदतों में बदलाव
अगर अचानक कब्ज या दस्त की समस्या शुरू हो जाए, या पहले से ज्यादा जोर लगाना पड़ रहा हो, तो इसे हल्के में न लें. डॉक्टर बताते हैं कि बड़ी पॉलिप या कैंसर आंतों में रुकावट पैदा कर सकता है. मल का पतला या संकरा होना भी जांच की जरूरत दर्शाता हैय
मलद्वार से खून आना
स्टूल में या टॉयलेट पेपर पर खून दिखना कोलन कैंसर का एक गंभीर संकेत हो सकता है. कई लोग इसे खानपान या बवासीर समझकर टाल देते हैं, लेकिन बार-बार खून आना या लंबे समय तक ऐसा रहना तुरंत जांच की मांग करता है.
लगातार थकान या कमजोरी
अगर पर्याप्त आराम के बावजूद शरीर में थकान बनी रहती है, तो यह भी चेतावनी हो सकती है. युवा अक्सर इसे तनाव या नींद की कमी मान लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक बनी थकान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
पेट में ऐंठन या दर्द
बिना किसी साफ वजह के पेट में दर्द या ऐंठन होना और उसका लंबे समय तक बने रहना चिंता का संकेत हो सकता है. यह ऐसा लक्षण है जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.
बिना कोशिश के वजन घटना
बिना डाइट या एक्सरसाइज बदले वजन कम होना कैंसर के आम लक्षणों में से एक है. अगर अचानक वजन गिर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
एक्सपर्ट का कहना है कि समय रहते लक्षण पहचान लिए जाएं, तो इलाज के विकल्प बेहतर होते हैं और रिकवरी की संभावना भी बढ़ जाती है. इसलिए अगर इनमें से कोई भी संकेत दिखे, तो देरी किए बिना डॉक्टर से संपर्क करना ही समझदारी है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.










