आज के समय में लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग और जिम्मेदार हो गए हैं. आजकल लोग कुछ भी खाते हैं, तो उसके पीछे लिखे लेबल और इंग्रेडिएंट्स के बारे में जरूर पढ़ते हैं. खासकर मीठे को लेकर आम भारतीय घरों में एक चीज आसानी से देखने को मिल जाती है, और वह है सफेद चीनी. यह भले ही आम हो, लेकिन इसके नुकसान को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है.
इसी बीच गुड़ जैसे हमारे पारंपरिक और सदियों से भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले मीठे को लोग फिर से अपना रहे हैं और चीनी के विकल्प के रूप में देख रहे हैं. इससे साफ दिखता है कि भारतीय अब अपनी सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं.
चीनी कैसे बनाई जाती है?
चीनी और गुड़ भारत में बड़ी मात्रा में बनाए जाते हैं और इनकी मांग भी काफी ज्यादा है. हमारे घरों में जिस चीनी का इस्तेमाल होता है, उसे बनाने की प्रक्रिया काफी जटिल होती है. चीनी बनाने के लिए गन्ने के रस को एक लंबी रासायनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. सबसे पहले गन्ने के रस में मौजूद गंदगी और अन्य पदार्थों को बाहर निकाला जाता है. इसके बाद रस को छानकर साफ किया जाता है. फिर इस साफ रस को मशीनों में गर्म करके उसका पानी निकाला जाता है, जिससे वह गाढ़ी चाशनी बन जाता है. ठंडा करने के बाद उसमें छोटे-छोटे चीनी के कण मिलाए जाते हैं, जिससे धीरे-धीरे बड़े चीनी के दाने बनने लगते हैं.
गुड़ बनाने की प्रक्रिया
गुड़ बनाने का तरीका चीनी के मुकाबले आसान होता है. चीनी को प्रोसेस करने के लिए बड़ी चीनी मिलों की जरूरत होती है, जबकि गुड़ को छोटे उद्योग या कारखाने में भी बनाया जा सकता है. गुड़ बनाने के लिए गन्ने के रस को उबालकर गाढ़ा किया जाता है. इसमें ज्यादा केमिकल प्रोसेसिंग नहीं होती, इसलिए इसके प्राकृतिक गुण बने रहते हैं. इसी वजह से गुड़ में आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स मौजूद रहते हैं.
ज्यादा चीनी खाने के नुकसान
चीनी का ज्यादा सेवन हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है और कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसके बावजूद लोग बड़ी मात्रा में चीनी का सेवन करते हैं.
मोटापा बढ़ने का खतरा
चीनी का ज्यादा सेवन करने से सबसे आम समस्या मोटापा है. चीनी में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है, जो धीरे-धीरे पेट की चर्बी और वजन बढ़ा देती है.
दिमाग पर असर
चीनी का असर दिमाग पर भी पड़ता है. ज्यादा शुगर लेने से कई लोगों को ब्रेन फॉग की शिकायत होती है. इसमें चीजें याद रखने में दिक्कत, सोच में उलझन और कंफ्यूजन महसूस होती है.
डायबिटीज का खतरा
जब आप ज्यादा चीनी का सेवन करते हैं, तो इंसुलिन अपना काम ठीक से नहीं कर पाता. धीरे-धीरे यही स्थिति इंसुलिन रेजिस्टेंस बन जाती है और आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा पैदा हो जाता है.
ब्लड प्रेशर पर असर
चीनी की ज्यादा मात्रा ब्लड प्रेशर को भी बढ़ा सकती है. शुगर बढ़ने के साथ बीपी का खतरा बढ़ता है और हाई ब्लड प्रेशर सीधे दिल की बीमारियों से जुड़ा होता है.
कमजोर होती है इम्युनिटी
चीनी की ज्यादा मात्रा शरीर में वाइट ब्लड सेल्स को भी प्रभावित करती है. इससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी पर नकारात्मक असर पड़ता है और शरीर में नई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है.
यह भी पढ़ें: धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन क्यों है जरूरी? जानें इसके फायदे और सही इस्तेमाल
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.










