सोरायसिस एक ऐसी बीमारी है, जो त्वचा से संबंधित है यानी इस बीमारी का असर हमारी त्वचा पर पड़ता है, जिसमें हमारी त्वचा पर लाल और पपड़ीदार परत बन जाती है. यह स्किन से जुड़ी हुई एक गंभीर स्थिति है, जो हमारे शरीर में कमजोर इम्यून सिस्टम की वजह से होती है. इस बीमारी में हमारे शरीर की त्वचा की सेल असामान्य तरीके से बढ़ने लगती है और त्वचा के ऊपर लाल पपड़ीदार परत बना लेती है, जिससे पीड़ित मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जहां-जहां शरीर पर इस बीमारी का प्रभाव होता है, उन हिस्सों में खुजली और जलन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. इस लेख में हम जानेंगे इस गंभीर बीमारी से बचने के असरदार उपाय.
सोरायसिस क्यों होता है?
सोरायसिस एक त्वचा या स्किन की बीमारी है, जिसे आमतौर पर चर्म रोग भी कहा जाता है. यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है. इस बीमारी का मुख्य कारण हमारी कोशिकाओं का असामान्य तरीके से त्वचा में बढ़ना है. त्वचा की कोशिकाओं को बनने और झड़ने में लगभग एक महीने का समय लगता है, लेकिन जब हमारी त्वचा पर सोरायसिस नाम की बीमारी हो जाती है, तो सेल तेजी से बनने लगती हैं और त्वचा की ऊपरी सतह पर इकट्ठा होकर पपड़ीदार परत बना लेती हैं. यह बीमारी सिर के स्कैल्प, घुटनों और कोहनियों को अपना शिकार बनाती है. अगर लोग इस बीमारी के होने वाले कारणों से खुद को सुरक्षित रखें, तो यह बीमारी शरीर में प्रवेश नहीं कर पाएगी. वैसे तो इस बीमारी का कोई स्थायी उपचार नहीं है, लेकिन कई ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से यह बीमारी त्वचा को अपना शिकार बनाती है. अगर आपको भी यह बीमारी है, तो कुछ आसान उपायों से इसकी रोकथाम की जा सकती है.
सोरायसिस से बचने के उपाय
- सोरायसिस होने का सबसे बड़ा कारण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम का कमजोर होना है. इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए सोरायसिस से पीड़ित लोगों को हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए, जिसमें ब्रोकली और गोभी जैसी सब्जियों को अपनी डेली डाइट में जरूर जोड़ना चाहिए. इन सब्जियों में मौजूद विटामिन और खनिज हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में मदद करते हैं.
- सोरायसिस से पीड़ित लोगों को रोजाना व्यायाम और योग को अपने डेली रूटीन में शामिल करना चाहिए, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है.
- हल्दी सोरायसिस के मरीजों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि है, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नाम का औषधीय तत्व शरीर के अंदर की सूजन को कम करने में मदद करता है. सोरायसिस से पीड़ित लोगों में इम्यून सिस्टम असामान्य तरीके से ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जिसे शांत करने में हल्दी मदद करती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.











