दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मरीजों की जांच प्रक्रिया अब ज्यादा आसान, सुरक्षित और अत्याधुनिक हो गई है. नई तकनीक के जरिए गंभीर बीमारियों की पहचान अब बिना सर्जरी संभव होगी, जिससे मरीजों को समय, जोखिम और खर्च तीनों से राहत मिलेगी. इस आधुनिक प्रक्रिया के तहत अब जांच के लिए मरीज के शरीर से टिश्यू निकालने के लिए ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. आधुनिक सीटी स्कैन तकनीक के माध्यम से संबंधित अंग में इंजेक्शन डालकर टिश्यू या फ्लूड का नमूना लिया जाएगा.
इस प्रक्रिया से बीमारी की पहचान अधिक सटीक होगी और मरीज को अनावश्यक दर्द एवं जोखिम से भी बचाया जा सकेगा. हाल ही में अस्पताल में दो नई सीटी स्कैन मशीनें शुरू की गई हैं, जिनसे जांच की क्षमता और गति दोनों बढ़ेंगी.
फेफड़े, लिवर और कैंसर जांच में बड़ी राहत
अस्पताल की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व योजना के नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉ. निशिथ कुमार के अनुसार यह नई जांच विधि फेफड़ों, लिवर, किडनी की गांठ, छाती या पेट के भीतर गहराई में मौजूद सूजन, हड्डियों से जुड़ी बीमारियों और कैंसर की पुष्टि में बेहद उपयोगी है. सीटी स्कैन की स्पष्ट इमेजिंग के जरिए डॉक्टर सुई को बिल्कुल सही स्थान तक पहुंचाते हैं और वहीं से बेहद छोटा नमूना लेकर जांच पूरी कर लेते हैं.
महंगी और जोखिम भरी सर्जरी से मिलेगा छुटकारा
रेडियोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमिता मलिक ने बताया कि पहले इस तरह की जांच के लिए कई मरीजों को ऑपरेशन के जरिए बायोप्सी करानी पड़ती थी. यह प्रक्रिया न सिर्फ खर्चीली थी, बल्कि इसमें जटिलताएं और ज्यादा समय लगने का खतरा भी रहता था. सीटी स्कैन गाइडेड सुई जांच से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, क्योंकि इसमें जोखिम कम और परिणाम ज्यादा भरोसेमंद होते हैं.
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगा मुफ्त लाभ
डॉ. अमिता मलिक ने बताया कि सीटी स्कैन के जरिए होने वाली यह जांच पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. इससे खासतौर पर कमजोर आर्थिक स्थिति वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. अब उन्हें गंभीर बीमारियों की पुष्टि के लिए न तो निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा और न ही बाहर के शहरों में भटकना होगा.
नई मशीनों से बढ़ेगी जांच की क्षमता
प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार सिंह के अनुसार पहले सफदरजंग अस्पताल में केवल एक ही सीटी स्कैन मशीन थी, जिससे रोजाना लगभग 150 मरीजों की जांच हो पाती थी. मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता था. अब दो नई मशीनें जुड़ने से रोजाना होने वाली सीटी स्कैन जांचों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी. अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इस सुविधा से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.











